गुरुवार, 14 सितंबर 2017

हिंदी

सूर-तुलसी के संग पली हिंदी
कच्ची-पक्की डगर चली हिंदी
सोरठा, छन्द, पद, सवैया थी,
गीत-ग़ज़लों में भी ढली हिंदी

                   - विनोद निर्भय 
                   14 सितम्बर 2017

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