अगर संघर्ष के तल पर उतर पाओ, उतर जाओ
जो सोने की तरह तपकर निखर पाओ, निखर जाओ
सिखाया बाज ने मुझको, अगर शुरुआत करनी हो,
पुराने पंख को अपने कुतर पाओ, कुतर जाओ
बड़ों की बात पर इतना बिफरने की ज़रुरत क्या,
पड़े जब डाँट हँसकर के गुज़र पाओ, गुज़र जाओ
ये जीवन एक अवसर है, इसे यूँहीं न जाने दो,
ज़हन में ख़्वाब ऊँचा रख सँवर पाओ, सँवर जाओ
मैं तुमसे ये नहीं कहता कि सागर ही बनो 'निर्भय',
जो दरिया बन के खेतो में बिखर पाओ, बिखर जाओ
- विनोद निर्भय
जो सोने की तरह तपकर निखर पाओ, निखर जाओ
सिखाया बाज ने मुझको, अगर शुरुआत करनी हो,
पुराने पंख को अपने कुतर पाओ, कुतर जाओ
बड़ों की बात पर इतना बिफरने की ज़रुरत क्या,
पड़े जब डाँट हँसकर के गुज़र पाओ, गुज़र जाओ
ये जीवन एक अवसर है, इसे यूँहीं न जाने दो,
ज़हन में ख़्वाब ऊँचा रख सँवर पाओ, सँवर जाओ
मैं तुमसे ये नहीं कहता कि सागर ही बनो 'निर्भय',
जो दरिया बन के खेतो में बिखर पाओ, बिखर जाओ
- विनोद निर्भय
Nice
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