कभी इस पार की बातें ,कभी उस पार की बातें
चलो छोड़ो इन्हें !ये हैं महज़ बेकार की बातें
अभी मज़बूत करनी है पुरानी नींव को मिलकर
नहीं वाज़िब करे कोई नयी दीवार की बातें
- विनोद 'निर्भय'
चलो छोड़ो इन्हें !ये हैं महज़ बेकार की बातें
अभी मज़बूत करनी है पुरानी नींव को मिलकर
नहीं वाज़िब करे कोई नयी दीवार की बातें
- विनोद 'निर्भय'
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