न जाओ दूर यूँ, हमदम!अभी कुछ बात बाकी है
हमारे इश्क़ की पूरी सुहानी रात बाकी है
रहो आगोश में यूँहीं,करुँ दीदार मैं तेरा
अभी अरमां अघूरे हैं, अभी जज़्बात बाकी है
- विनोद 'निर्भय'
हमारे इश्क़ की पूरी सुहानी रात बाकी है
रहो आगोश में यूँहीं,करुँ दीदार मैं तेरा
अभी अरमां अघूरे हैं, अभी जज़्बात बाकी है
- विनोद 'निर्भय'
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