मुक्तक
----------------
यहाँ नसीब से मिला क्या है?
नहीं मिला,तो फिर गिला क्या है?
तलाश अब तलक मुझे तेरी,
पता नहीं ये सिलसिला क्या है?
हमारे बीच सिलसिला क्या है| नहीं पता तो फिर पता क्या है|| नसीब आपका पढा हमने, कहो तो बोल दूँ लिखा क्या है| ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें