बुधवार, 20 मार्च 2019

सत्य नहीं जलता

भले-बुरे  सारे  अनुभव  होते   रंगों   के  जैसे   ही  
केवल एक रंग  से तो जीवन में फाग नहीं फलता 

            सात  रंग  से  मिलकर  सूरज
            रंग   -   कलश      कहलाता|  
            भीग दिव्य किरणों से जिसके 
            धन्य     जगत      हो  जाता||

दीपक से अँधियारा पिघले,कोहरा घोर नहीं छँटता
केवल एक रंग  से तो जीवन  में फाग नहीं फलता 
 
              मौसम    के   हैं    रंग   कई,
              सबका   जीवन   से   नाता|
              कोई       बर्षा      के     तो  
              कोई  गुण  बसंत  के गाता||
  
पतझड़  से न  गुज़रे  उन  वृक्षों पे  बौर नहीं लगता
केवल  एक रंग  से तो जीवन  में फाग नहीं फलता 
 
              बैठ  गया   प्रहलाद  गोद में
              नहीं    ख़ौफ़  था   मन   में|
              मगर होलिका जल जाती है
              अपने    द्वेष    अगन     में||

कहने को सन्मति जलती है,लेकिन सत्य नहीं जलता
केवल  एक रंग  से तो  जीवन  में  फाग  नहीं फलता 
 
                   

                            - विनोद 'निर्भय'


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