दो तरफ हो चित वही सिक्का उछाला जाएगा|
और पट पे फिर मुझे उल्लू बनाया जाएगा||
नेकियाँ भी कम नहीं मेरी मगर होगा यही,
इक कमी को खोजकर फतवा सुनाया जाएगा|
और पट पे फिर मुझे उल्लू बनाया जाएगा||
नेकियाँ भी कम नहीं मेरी मगर होगा यही,
इक कमी को खोजकर फतवा सुनाया जाएगा|
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