शनिवार, 23 मार्च 2019

दो तरफ हो चित वही सिक्का उछाला जाएगा

दो तरफ  हो चित वही  सिक्का  उछाला जाएगा|
और  पट   पे  फिर  मुझे  उल्लू  बनाया जाएगा||
नेकियाँ  भी  कम  नहीं   मेरी  मगर   होगा  यही,
इक कमी को खोजकर फतवा  सुनाया  जाएगा|


                 - विनोद 'निर्भय'


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